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白夜行

A |     评论          发表。    संवाद सूत्र, साहिया। जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर क्षेत्र में जागरा पर्व के अवसर पर हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य महासू चालदा देवता के दर्शन के लिए व्याकुल नजर आए। श्रद्धालुओं में देव पालकी को कंधा लगाकर पुण्य कमाने की होड़ रही। महासू देवता के मूल स्थान हनोल के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य महासू चालदा देवता मंदिरों में भी जागरा पर्व की धूमधाम रही।,छत्रधारी चालदा महासू महाराज मंदिर दसऊ में सुबह शुभ मुहूर्त पर देवता के पुजारी, देव माली, वजीर और भंडारी ने मंदिर के गर्भ गृह से देव चिह्नों को शाही स्नान के लिए बाहर निकाला। जैसे ही देवता बाहर आए, मंदिर जयकारों से गूंज उठा।,इसके बाद, पारंपरिक वाध्य यंत्रों के साथ विधि विधान से देव चिह्नों का शाही स्नान कराया गया। श्रद्धालुओं ने महासू देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। जौनसार बावर में जागरा पर्व की महासू देवता मंदिर थैना, बोठा महासू देवता मंदिर भंजरा, चालदा महासू महाराज मंदिर दोहा, महासू देवता मंदिर कोटी, महासू देवता मंदिर गबेला में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं, महासू देवता मंदिर सलगा, बोहा, अस्टी, टिपऊ, मलऊ, दिलऊ, सैंज, उपरोली, खाटूवा, टूंगरा, कोटूवा आदि महासू देवता मंदिरों में धूम रही। देवदर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। जौनसार के साथ-साथ हिमाचल और उत्तरकाशी से भी श्रद्धालु दसऊ पहुंचे। इस अवसर पर देव स्तुति और पारंपरिक हारूल नृत्य का आयोजन भी किया गया। देवदर्शन के बाद देव चिह्नों को पुनः मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया गया। जौनसार बावर में विभिन्न महासू देवता मंदिरों में भी जागरा पर्व की धूम रही, जहां भंडारे का आयोजन किया गया।。

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Published on:00:32:46


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